.....

Maithil Jokes - की कही भाय आय के दिने खराब अछि ...

अभिषेक भाय, पेप्सी के एक बोतल बगल मs लेना ....  रोडक किनारा मs मुंह लटका कs बैसल रहैथ ....  

एतबे मs विघनेश मिश्र जी उम्हर सँ गुजर्ला ...... विघनेश जी अभिषेक भाय कs उदास बैसल देख कs रुकला .... अभिषेक भाय लग सैट कs बैस रहला ... अभिषेक भाय के पेप्सी से बोतल मुंह सँ लगा कs गटागट मारला के बाद .....

विघनेश मिश्र : की भेल भाय ..... ऐना मुंह लटका कs किये बैसल छि ???

अभिषेक भाय : की कही भाय ...... आय के दिने खराब अछि .... भोरे - भोर गर्लफ्रेंड सs झगरा भो गेल ... ऑफिस लेल निकललो तें रास्ता मs मोटरसाइकिल खराब भो गेल ... ऑफिस देरी सँ पहुचलो तें सार बॉस नौकरी सs निकैल देलक ..... आब आत्महत्या करबाक लेल पेप्सी मs जहर मिलेलों ओहो अहाँ पिब गेलो ....... 

Maithili Jokes - ओ कहियो रेलगाड़ी के टक्कर नै देखने छै .....

रेलवे के मौखिक परीक्षा मs परीक्षा देबाक लेल विघनेश जी पहुचला .....

 परीक्षक, विघनेश जी सँ : यदि दुई गोट रेल गाड़ी एक पटरी पर आइब जेत तें अहाँ की करब ?

विघनेश जी जी, रेड लाइट देखेब !

परीक्षक रेड लाइट नै रहल तखन ?

विघनेश जी : जी, टार्च देखेब !

परीक्षक : यदि टार्च सेहो अहाँ लग नै रहल तखन ?

विघनेश जी : अपन ललका कमीज़ उतैर के देखा देब !

परीक्षक : यदि ओय दिन अहाँ ललका कमीज़ नै पहिरने रही तखन ?

विघनेश जी : तखन हम तुरंत अपन भागिन कs बजे लेब ....

परीक्षक : भागिन कs ? किये ???

विघनेश जी : किएक जे ओ कहियो रेलगाड़ी के टक्कर नै देखने छै .....   

Maithili Jokes - की-बोर्ड के एल्फाबेट्स क्रम मs नै रहे..

अभिषेक भाय के नव - नव नौकरी लागल ..... पहिल दिन अभिषेक भाय देर रैत तक काज करैत रहला  ..... भैर रैत अभिषेक  भाय के टेबुल पर सँ  खटर-पटर के आवाज़ आबैत रहल ....

अभिषेक भाय के बॉस अभिषेक भाय सँ बड्ड खुश भेलखिन .....

अगला दिन अभिषेक भाय के बॉस अभिषेक भाय कs  अपन केबिन मs बजेलक .....

बॉस : कैल्ह अहाँ देर रैत तक काज करैत रहलो ....  पहिले दिन अहाँ एतेक कुन काज करैत रही ??

अभिषेक भाय : किछ बेसी नै सर, दरअसल की-बोर्ड के एल्फाबेट्स क्रम मs नै रहे .... ओकरे हम ठीक करैत रही ..

Maithili Jokes - कियो ऊपर सँ टेंट उठा कs ले गेल ..

दुई गोट  नंगोटिया यार प्रकाश भैया, आ प्रफुल्ल भैया एक लम्बा सफर पर जैत रहैथ ... रास्ता मs रैत भो गेला पर दुनु आदमी टेंट लगा कs सुइत रहला ....

आधा रैत कs प्रकाश भैया के नींद खुजल .... प्रकाश भैया चौक गेला आ तुरंत प्रफुल्ल भैया कs नींद सँ जगेला ....

प्रकाश भैया : रोऊ प्रफुल्ल, कने आसमान दिस देख कs कह .... जे तोरा की नज़र आबैत छो ?

प्रफुल्ल भैया :  बहुत रास खूबसूरत सितारा नज़र आबैत अछि मालिक ...

प्रकाश भैया : तखन यार इ कह जे ...... एय सँ तोरा की बुझैत छो ?

प्रफुल्ल भैया : आसमान खुबसूरत  आ साफ अछि ....

प्रकाश भैया : रोऊ आसमान के औलाद .... आसमान खुबसूरत  आ साफ नै छै .... अपना दुनु गोटा सुतले रैह गेलो आ कियो ऊपर सँ टेंट उठा कs ले गेल .... 

Maithili Jokes - जाऊ हुनका सभ सँ मिल आबू ...

चंद्रमुखी भौजी, (चन्दन भाय के कनियाँ) एक रैत देरी सँ घर पहुचली .... घर पहुचते ओ सीधा अपन सयंकक्ष (बेडरूम) पहुचली ..... घर पहुचते ओ देखैत छली हुनकर पलंग पर रजाई के भीतर दुई गो पेर (पाँव) के जगह चैर गो पेर अछि ..... चंद्रमुखी भौजी आव देखली नै ताव बगल के घर सs चिकना चुराई बला मुंगरी आनली आ दे - दना - दन ..... ता धरी रजाई कs पीटैत रहली जा धरी रजाई सs आवाज़ एब बंद नै भो गेल ..........

रजाई कs पीटैत - पीटैत चंद्रमुखी भौजी थैक गेली ...... हुनका बड्ड जोर पियास लागल ..... चंद्रमुखी भौजी पैन पीबाक लेल भानस घर (किचन) गेली ....

मुदा इ की ......!!!

च्गंद्रमुखी भौजी किचन पहुचते देखैत छथिन जे चन्दन भाय किचन मs कुर्शी पर बैसल एक किताब पैढ़ रहल छैथ ....


चंद्रमुखी भौजी कs देखैते ...... चन्दन भाय : डार्लिंग अहाँ आइब गेलों ?

अहाँक माँ - बाबूजी साझे एला ...... हम हुनका सभ कs अपन बेडरूम मs आराम करैक व्यवस्था के देना छि .....  जाऊ हुनका सभ सँ मिल आबू .......   

Maithili Jikes - कैल्ह हमरा घर हमर छोट भाय जन्म लेतैय ??

प्रकाश भैया के पाँच बरखक सुपुत्र, फुल्चनमा अपन संगी सँ : तोरा बुझल छोऊ ...... कैल्ह हमरा घर  हमर छोट भाय जन्म  लेतैय ??

फुल्चनमा के संगी : वाह, की बात छै .... मुदा तोरा कोना बुझल छोऊ जे भाय जन्म  लेतोऊ की बहिन ?

फुल्चनमा : अरे यार साफ छै .... पिछला दफ़ा हमरा मम्मी के पेट मs दर्द भेल छलैन ....  दोसरे दिन हमर बहिनक जन्म भेलैय ..... अय बेर हमर पापाजी के पेट मs दर्द भो रहल छैन्ह ..... तें साफ छै जे  हमरा घर  हमर छोट भाय जन्म  लेतैय ??

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