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Maithili Jokes - एक फुल और एक हाफ टिकट दिय...

एक बेर नबल अपना माँ के संगे फिल्म देखे के लेल गेला और टिकट काउंटर पर......

नबल टिकट वला सऽ : भय साहिब एक फुल और एक हाफ टिकट दिय,

टिकट वला : फुल ककरा लेल और हाफ ककरा लेल,

नबल : फुल माँ के लेल और हाफ हमरा लेल,

टिकट वला : आहा के मूंछ (मोछ) भऽ गेल हम अहू अपन फुल टिकट लियो,

नबल : ठीक या तऽ एक फुल और एक हाफ टिकट दिय, किया की हमरा माँ के मूंछ नहीं भेले हन.

Maithili Jokes - हे गै बुच्ची एक कप चाह लबऽ तऽ..

प्रभाकर भाय एक दिन एयरपोर्ट गेला और हवा जहाज पर बैशला.....
प्रभाकर भाय एयरहोस्टेज सऽ : हे गै बुच्ची एक कप चाह लबऽ तऽ...

एयरहोस्टेज : गरम दुध में टी-बैग डूबाबैत हुनका द देलकैन...

प्रभाकर भाय : हे गै बुच्ची हम मुसलमान के हाथ स छुल किछु चीज नै खाई छी और तु हमरा ओकर बला ताबीज दुबेल्हा चाह पियबै छ...

Maithili Jokes - हे यै भाल्पट्टी वाली आहा एते ने...

प्रभाकर भाय अपना कनिया सँ कहेत छथि.......
प्रभाकर भाय : हे यै भाल्पट्टी वाली आहा एते ने अस्नो, पाउडर, लिपिस्टिक सब खरीदाबे छी ताहि सँ मोन हमर तंग भऽ गेल होय या जे आत्म हत्या कऽ ली....

भाल्पट्टी वाली : आत्म हत्या करे सऽ पहीले एक टा उज़र (उजला) रंग के सूट-सलवार एइन दिय किया की मरला के बाद ओकर कनिया उज़र कपरा पहीरे छे....

Maithili Jokes - रोउ बौउया आब तुहूँ सल्बार...

रिजल्ट निकलला के बाद लड़का]h��े अपेक्षा लड़की के रिजल्ट जाय्दा बढ़िया छल....

प्रभाकर चौधरी नबल सं : नबल हमरा तऽ होय या की हम बड़की पोखेर में डूईब कऽ मरी जय.....

नबल : धुरी जी महराज आहा हमरा कहे छी , हमर बाबु कहेत छथि जे रोउ बौउया आब तुहूँ सल्बार
सूट पहिरल कर तऽ तोरो देख कऽ पास कऽ देतो...

Maithili Jokes - पैर अंदर कऽ लिय मैडम...

चुटी रिक्शा में पैर बाहर कऽ-कऽ बैसल छल...

रिक्शा ड्राइवर- पैर अंदर कऽ लिय मैडम....

चुटी - नै, रस्ता में हाथी मिलत त ओकरा लात मरबाक या कैल हम भाल्पट्टी बजार जा रहल छलो तऽ ओ हमरा आंखी   मारी कऽ भागी गेल छल....

Maithili Jokes - लोफर और ऑफर में की अंतर ?

प्रभाकर मुरारी स : लोफर और ऑफर में की अंतर या बताबु ?

मुरारी : सीधा अंतर या प्रभाकर जी अगर कोनों लड़का आई लव यू कहेत या त ओकरा हम लोफर कहेत छी, अगर    कोनों लड़की आई लव यू कहेत या त ओकरा हम ऑफर कहेत छी

Maithili Jokes - अहाँ के संगी कोना मरल ???

डॉक्टर, रमण भाय सँ : अहाँ के संगी कोना मरल ???

रमण भाय : मालुम नै साहब!!! ओ हमरा कहलक जे हमरा पेट में मुश (चूहा) कुदैक रहल अछि ??? ते हम हुनका मुश मारे बला दावा खुवा देलो....

Maithili Jokes - घंटी नै मैर सकैत रही ?

अमित भाय साइकिल पर बज़ार जैत रहथिन...

रास्ता में एक नवयुवती के साइकिल सँ ठोकर मैर देलखिन...

नवयुवती (तमसा के) : घंटी नै मैर सकैत रही ??

अमित भाय : पूरा साइकिल ते मैर देलो... घंटी की अलग सँ मैरतो ???

Maithili Jokes - जै उल्लू के पट्ठा के..


मदन भैया अपन ६ साल के बेटा कs एक खिलौना बला रेल गाड़ी खरीद के देलखिन...

खिलौना देलाक किछ देर के बाद मदन भैया बेटा के रूम में गेला ते देखैत छैथ बेटा रेल गाड़ी संग खेल रहल छैथ... आ कहैत छथिन.. "जै उल्लू के पट्ठा के उतरबाक छो उतर" "जै उल्लू के पट्ठा के चढ्बाक छो ओ चढ़" गाड़ी दुई मिनट सँ बेसी नै रुकतो....

बेटा के मुह सँ एही तरहक गप.... मदन भैया के निक नै लागल.... बेटा के दू थापर देला के बाद खिलौना ...छीन के रैख देलखिन.... आ बेटा सँ कहलखिन... हम दू घंटा के लेल बज़ार जे रहल छियो.... जा धरी एबो तू बैस के पढबिही....

दू घंटा के बाद जखन मदन भैया बज़ार सँ घुरला... देखैत छैथ बेटा आज्ञा अनुसार बैस के पैढ़ रहल छथिन... मदन भैया के ह्रदय पसीज गेल... ओ फेर सs बेटा के खिलौना द देलखिन... कहलखिन जो खेल गs ....

कनी देर के बाद मदन भैया बेटा के रूम में गेला ते बेटा के मुह सँ सुनैत छैथ......

"जै उल्लू के पट्ठा के उतरबाक छो उतर"
"जै उल्लू के पट्ठा के चढ्बाक छो ओ चढ़"
"गाड़ी पहिने एक उल्लू के पट्ठा के बजह सँ दू घंटा देरी सs चैल रहल छैक"

Maithili Jokes - सभ दिन हम शर्त लगबैत छी..

प्रकाश भैया सभ दिन बैंक में ५-१० लाख पाई जमा कराबे जैत छलखिन.... बैंक के मैनेजर के आश्चर्य भेलैन जे प्रकाश बाबू सभ दिन एतेक पाई कते सँ आनैत छलखिन..... जिज्ञासा बस एक दिन मैनेजर प्रकाश भैया सँ पुछालखिन... प्रकाश बाबू अहाँ एतेक पाई कते सs आनैत छी ???

प्रकाश भैया : मैनेजर साहब!!! हमर तें बस एके काज अछि, सभ दिन हम शर्त लगबैत छी आ शर्त जीत जैत छी....

मैनेजर के विश्वास नै भेल.... 

मैनेजर : यो प्रकाश बाबू, अहाँ एहेन कुन शर्त लगबैत छी जे सभ दिन जीत जैत छी ????

प्रकाश भैया : मैनेजर साहब!!! चलू आय हम अहाँ सँ १० लाख के शर्त लगबैत छी, शर्त इ अछि जे... "अहाँ के नितंब पर एक फोड़ा अछि" आब शर्त इ अछि जे कैल्ह दिन में गबाहक रूप में हम दुई आदमी के अपन संग आनब.... हुनका अहाँ के अपन नितंब देखाबे परत....

यदि अहाँ के नितंब पर फोड़ा भेटल ते अहाँ हमरा १० लाख देब.... फोड़ा नै भेटल ते हम अहाँ के १० लाख देब ...... कहू मंजूर अछि ????

मैनेजर बुझैत छलाह जे हमरा नितंब पर कुनू फोड़ा नै अछि.... ओ ख़ुशी - ख़ुशी शर्त लगा लेलैथ....

दोसर दिन प्रकाश भैया के संग में दुई आदमी के आबैत देख कs मैनेजर के ख़ुशी के ठीकाना नै... मोने - मोन मैनेजर १० लाख के सपना देखा लागला...

प्रकाश भैया सभ जहिना बैंक पहुच्ला... मैनेजर हुनका सभ के अपन केविन में बजेलैथ... आ अपन पेंट खोइल के देखा देलखिन जे देखू.... हमरा नितंब पर फोड़ा नै अछि... आय अहाँ हारलों... १० लाख टका दिअ....

मैनेजर जहिना पेंट खोलला... प्रकाश भैया के संग बाला दुनु आदमी बेहोश!!!!!

प्रकाश भैया ख़ुशी - ख़ुशी मैनेजर के १० लाख टका देलखिन आ जोर - जोर सँ हँसे लग्लैथ.......

मैनेजर : प्रकाश बाबू आय किएक हँसे छी यो ??? आय ते अहाँ अपन शर्त हैर गेल छी ????

प्रकाश भैया : मैनेजर साहब!!! अहाँ के बुझल अछि जे इ दुनु आदमी किएक बेहोश भेल ??? हम हिनका दुनु आदमी सँ ४० लाख के शर्त लगेना रही जे बैंक मानेजर के अहाँ सभ के सामना में नागट करब.... अहाँ के नागट के कs हम अपन शर्त जीत गेलो....

अहाँ के १० लाख देला के बाबजूद ३० लाख हम जीतलों तही लेल हम हँसैत छी....

Maithili Jokes - चैर टा काफी छैक...

चैर आदमी मिल के मोहन  भैया के सासू माँ के पीटैत छलखिन... मोहन  भैया चुपचाप ठाढ़ भ के देखैत रहथिन... हमरा सँ नै देखल गेल...

हम मोहन  भैया सँ कहलो.... यो भैया ऐना चुपचाप ठाढ़ छी... मदद करबाक लेल नै जेबै ???

मोहन  भैया : नै... नै चैर टा काफी छैक...

Maithili Funny Story - मजाक (एक हास्य कथा) - जितमोहन झा

हमरा गाम मे एगो पंडीजी काका छलाह, ओ एतेक मजाकिया छला जुनि पुछू .... मजाक करै मे दूर - दूर तक हुनक चर्चा होइ छन्हि ! सच पुछू तँ मजाक करै मे ओ किनको नञि छोड़ैत छथिन्ह !

एक दिनक बात छल हुनक अर्धांग्नी (पंडीतैन) हुनका कहलखिन अहाँ सभसँ मजाक करै छी ... एतऽ धरि जे मजाकक मामला मे दूर - दूर तक अहँक चर्चा होइत अछि ! मुदा अहाँ हमरासँ कहियो मजाक नञि केलहुँ ......

पंडीजी काका बजलाह ... देखू सुनेना के माय, ई बात सत्य अछि जे हम सभसँ मजाक करै छी ! एकर मतलब ई थोड़े ने की हम अहूँसँ मजाक करी ?

ताहि पर पंडीतैन कहलखिन- से नञि हएत, एक दिन अहाँ हमरासँ मजाक कs ई देखाबू ताकि हमहूँ तँ देखी जे अहाँ कोना मजाक करैत छी ?

पंडीजी काका हारि क्s बजलाह- ठीक अछि। जहिया मौका भेटत हम अहूँसँ मजाक करब ......

किछु दिनक बाद पंडीजी काका अपन सासूर पहुँचलाह , सासुर मे हुनकर खूब मोन आदर भेलन्हि, भोजन - भातक बाद ओ जाय लेल निकलश ताबे मे हुनकर छोटका सार सुनील बाबु हुनका आग्रह कs कए कनि देर बैसे लेल कहलखिन !

सुनील बाबु ... झाजी बहुत दिनक बाद आयल छलहुँ, किछु गाम - घरक समाचार सुनाबू !

पंडीजी काका मूह बनबैत बजलाह की कही सुनील बाबु किछ दिनसँ हम बहुत परेसान छी ....

सुनील बाबु ... झाजी की बात अछि अहाँ बहुत दुखी लागैत छलहुँ, कनि खोइल के कहू अहाँ केँ कोन परेसानी अछि ? हम अपनेक कुनू काज आबी तेँ ख़ुशी हएत !

सुनील बाबु बात ई अछि जे घरमे आधा राति केँ एक प्रेत सुन्दर युवतिक रूप मे अर्धनग्न अवस्था मे दलान पर आबैत छलीह आ जतेह अनार, लताम, नेबो सभ गाछ में रहैत अछि सभ टा तोड़ि कs चलि जाइत छलीह ! हम रोज ओकरा देखैत छलहुँ मुदा हिम्मत नञि होइत अछि जे ओकरा रोकी ! आब अहीं कहू जे हमरा ई अनार, लताम आ नेबोक गाछ लगेनेसँ कोन फायदा ? परेसान भs कs आब सोचने छी जे सभ टा गाछ केँ काटि देब .... जखन फल खेबे नञि करब तँ गाछ राखिये कs कोन फायदा ?

सुनील बाबु हँसैत - हँसैत बजलाह ... बस एतबे टा बात सँ अहाँ परेसान छी ? अहाँ चिंता जुनि करू । काल्हि हम आबय छी, काल्हि राति हम ओ प्रेत केँ देखब .. आब अहाँ जाऊ, हम काल्हि आबए छी !

पंडीजी काका ठीक अछि, कनि सांझे केँ आयब हम अहाँक बहिन केँ कहि देबनि भोजन - भात तैयार रखतीह।

ई कहि केँ पंडीजी काका बिदा भेलाह ......

घर पहुँचते चौकी पर चारि-चित पड़ि रहलाह ।

पंडीतैन हुनका चौकी पर चारि-चित परल देख कए दौगल अएलीह .... नाथ की भेल अहाँ केँ ? अहाँ किछु परेसान लगै छी !

पंडीतैन केँ परेसान देखि कऽ पंडीजी काका उदास मने बजलाह ... हाँ पंडीतैन, बाते किछु एहेन अछि जै सँ हम परेसान छी !

पंडीतैन .... देखू हमरासँ किछ छुपबई के प्रयास नञि करू अहाँक ई हालत हमरासँ देखल नञि जएत, जल्दी कहू की बात छल ..?

-की कही पंडीतैन आय हम अहाँक नैहर गेल छलहुँ, अबैत घरी रस्ता मे एगो ज्योतिष महाराज जबरदस्ती हमर हाथ देखलन्हि .......

-की भेल सेतँ कहू ?

-भेल ई जे हुनकर कहब छनि, हम आब खाली ५ दिनक मेहमान छी .......

पंडीतैन जोर - जोर सँ छाती पिटैत कानए लगलीह- हे कालि मैया हम ई की सुनय छी ....... नाथ अहाँ चिंता नञि करू हम कुनू निक ज्योतिष सँ अहाँ केँ देखाएब । यदि कुनू कलमुहीक छाया अहाँ पर अछि तs ज्योतिष महाराज कुनू ने कुनू उपाय ओकर निकालताह.....

पंडीजी काका ... भाग्यवान उपाय तँ इहो ज्योतिष महाराज बतेल्न्हि......

पंडीतैन.. की उपाय बतेलक से कहू ?

-किछ नञि, हुनक कहब छन्हि जे आमावस्याक रातिमे यदि कुनू सुहागिन नारी अर्धनग्न अवस्था मे आधा राति केँ यदि कुनू नेबोक गाछसँ नेबो तोड़ि केँ आनथि आ यदि सूर्योदय सँ पहिने हमरा ओकर सरबत पीएय लेल देल जाय तs ई बिघ्न दूर कएल जाऽ सकैत अछि !

पंडीतैन..... नाथ तखन अहाँ चिंता किए करै छी, काल्हि अमावस्या छी आ अपने दलान पर नेबोक गाछ अछि, काल्हि हम अपने ई काज करब अहाँ चिंता नञि करू ! राति भ्s गेल, चलू सुइत रही, काल्हि सभ ठीक भऽ जएत ......

दुनु प्राणी सुतए लेल चली गेलाह मुदा पंडीतैन केँ भरि राति निंद नञि भेलनि ..... ओ भोरक इंतजार करए लगलीह ! भोर भेल आब ओ रातिक इंतजार करए लागलीह .... ताबे धरि सांझ के सुनील बाबु पहुँचलाह ....

पंडीतैन ... भैया आय अहाँकेँ बहिन कोना मोन पड़ल ... कहीं रस्ता तs नञि बिसरि गेलहुँ ?

सुनील बाबु ... बहिन आय दफ्तरक छूटी छलए तँ सोचलहुँ जे अपन गुडियांक हाल - समाचार लs आबी !

बाद मे बहुत देर तक हाल समाचारक बाद सभ भोजन केलक । भोजनक बाद सुनील बाबु सुतए लेल दलान पर चलि गेलाह !एम्हर पंडीजी - पंडीतैन सेहो सुतए लेल चलि गेलाह .... किनको निंद नञि आबैत छन्हि .... पंडीजी काका अपन मजाकक बारे मे सोचैत छलाह तँ पंडीतैन अपन जीवन साथीक जीवनक लेल .... सभसँ हटि कs सुनील बाबु बहुत खुश छथि ! कियेकी हुनकर सोचब छन्हि जे ई अनार, लताम, नेबो तोरब कुनू प्रेतक काज नञि ई कुनू परोसिनक काज थीक ! आय ओ मने मन सोचलथि जे कियो भी होए हम ओकरा नञि छोड़ब, किये की ओ हमर झाजीक जिनाय हराम कए देने अछि ! ओ एखने सँ नेबोक जड़िमे जाऽ कए बैसि गेलाह ! देखते - देखते राति सभ केँs अपन कोरमे लs लेलक ....

पंडीतैन धरफड़ाएले उठलीह, अपन कपड़ा उतारलन्हि, माथ झुका कालि मैया केँ प्रणाम कs कए विनती केलन्हि जे हे मैया हमर पतिक रक्षा करिहैथ....

आ ओ चलि देल्न्हि नेबो तोड़ए लेल .....

पंडीतैन जहिना नेबो गाछ तर पहुँचलीह सुनील बाबु भरि-पाँज हुनका पकड़ि लेलखिन आ मूह दबेने दलान दिस चलि देलन्हि .... ताबे धरी पंडीजी काका हाथ मे लालटेन लेने दौगल अएलाह ....

-सुनील बाबु ssssss, सुनील बाबु रुकू ssssss रुकू, ई कियो आर नञि अहींक बहिन छलीह ......

ई सुनिते सुनील बाबु भोर होए के इन्तजारो नञि केलन्हि, भागलाह अपन गामक दिस .....

एम्हर पंडीतैन पंडीजी काकासँ लिपटि केँ कलपि-कलपि कऽ कानए लगलीह ..... नाथ अहाँ हमरा संग एहेन मजाक किये केलहुँ ......?

Maithili Jokes - बसबिट्टी में आइग के लगेलक.....

बाबूजी अमित जी सँ : बेटा अमित, आय एतेक जल्दी अहाँ स्कुल सँ कोना आइब गेलो ??

अमित : पापा दरअसल पूरा क्लास में मात्र हम एक विधार्थी रही... जे मास्टर साहेब के प्रश्न के जबाब दलों...

बाबूजी : अच्छा!!! मुदा प्रश्न की रहे ???

अमित  : स्कुल के बगल के बसबिट्टी में आइग (आग) के लगेलक.....

Maithili Jokes - भाई की, कहू ने ???

संता सिंह, बंता सिंह सँ : अरे भाई इ कहू... यदि बिना दाँत के कुत्ता कैट लिए  तें की करबाक चाही ???

बंता सिंह  : सिम्पल अछि बॉस...

संता सिंह : भाई की, कहू ने ???

बंता सिंह : बिना सुई के 14 इंजेक्शन धोढ़ी पर  लगबा लेबाक चाही.....

Maithili Jokes - फेर की भेल ???

राजनारायण जी : की कही भाई कैल्ह हमर एगो संगी हमर मोबाइल सs हमर गर्लफ्रेंड के नंबर चुरा लेलक.....

हेमानंद जी : फेर की भेल ???

राजनारायण जी : बेवकूफ कैल्ह रैत सs खुद के बहिन के रोमांटिक संदेश भेज रहल छैक....

Maithili Jokes - आब हम नेहे सकैत छी ???

प्रफुल भैया, डॉक्टर सँ : डॉक्टर साहब हमरा दुई साल पहिने बुखार रहे....

डॉक्टर : हाँ!! आय की भेल ??

प्रफुल भैया : किछ नै!!! इम्हर सs गुजरैत रही... तें सोच्लों अहाँ सs पुइछ ली... दुई साल पहिने अहाँ हमरा नहाबई सँ मना केना रही... की आब हम नेहे सकैत छी ???

Maithili Jokes - बेचारा सही में आन्हर छैथ...

नविनजी आ भउजी (हुनकर कनियाँ) दुनु गोटा गेला मेला देखे....

रास्ता में एक भिखारी भउजी सँ : सुंदरी पाँच गो टका हमरा दान करू... पिछला दुई दिन सँ हम भूखल छी....

नविनजी तुरंत जेबी सs दसटकिया निकैल के भिखारी के थम्हा देलखिन....

भउजी नविन जी सँ : अरे अहाँ दस टका किएक देलिए ? ओ तें पाँचे टका माँगैत रहै ??

नविन जी : बेचारा सही में आन्हर .छैक .... अहाँ के सुंदरी कहलक.....

Maithili Jokes - स्कूटर कहाँ अछि ?

एक दिन रमण भैया हेलमेट पहिर के बजार निकलला....

रास्ता में ट्रेफिक पुलिस : चलू निकालू ५० टका....

रमण : मुदा किएक ? हम तें हेलमेट पहिरने छी ?

ट्रेफिक पुलिस : हेलमेट तें पहिरने छी....... स्कूटर कहाँ अछि ????

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